व्हाट्सएप और एस एम एस के द्वारा अपने व्यापार को बढ़ाये

आज कल हम व्हाट्सप्प और एस एम एस मार्केटिंग कर अपने व्यापार को बड़ा सकते है, इस के लिए हमारे पास मोबाइल होता ही है और आज कल मोबाइल उपयोग करने बाले यूजर की संख्या भी बहुत है तो हम इस का उपयोग कर अपने व्यापार को जितना चाहे उतना बड़ा सकते है.

अब हम जानते है की ये मार्केटिंग की कैसे जाती है .

सब से पहले हम जानते है की व्हाट्सप्प का उपयोग कर अपने व्यापार को कैसे बढ़ाये , इसे बढ़ाने के लिए हमें अपने व्हाट्सप्प लोगो के नंबर सेव कर ग्रुप बना ले और उस ग्रुप में अपने व्यापार की सारी जानकारी समय समय समय पर डालते रहे.

लोग आप के बारे में अच्छे से जानने लगेंगे और धीरे धीरे आप का  व्यापार बढ़ाने लगेगा इस के अलावा आप स्टेटस लगा कर भी अपने व्यापार को है पर स्टेटस में याद रखे की नंबर का दोनों साइड सेव होना जरुरी है .

इस के अलावा कुछ कंपनी वल्क व्हाट्सप्प कुछ कंपनी वल्क व्हाट्सप्प भी देती है उन से हम ये सर्विस ले कर भी अपने व्यापार को बड़ा सकते है इस में हमारे पास बस नंबर होने चाहिए जितने भी नंबर होंगे उन पर हम एक साथ व्यापार से समन्धित कोई भी मीडिया फाइल शेयर कर सकते है .

कोई भी व्यापार जब आगे बढ़ाता है जब उस के बारे में अधिक से अधिक लोग जान सके जितना ज्यादा लोग आप के व्यापार के बारे में जानते होंगे उतना ही आप का व्यापार बढ़ेगा परन्तु यहाँ हमें एक बात याद रखनी पड़ेगी मार्केटिंग के साथ साथ प्रोडक्ट की शुद्धता एवं सर्विसेस का भी ध्यान रखना अतिआवश्यक होगा.

एस एम एस मार्केटिंग से हम अपने व्यापार को आगे बड़ा सकते है इस में भी हम अपने मोबाइल से लोगो को अपने व्यापार के बारे में बता सकते है इस में बताने के लिए हम शार्ट एस एम एस लिख, उस में अपना मोबाइल नंबर डाल सकते है जिस यूजर हमें कॉल कर सके और कॉल पर हम उसे सब समझा सके , इस के अलाबा हम अपने व्यापार की वेबसाइट को एस एम एस के द्वारा लोगो को भेज सकते है क्युकि वेबसाइट पर हमारे व्यापार के बारे में सारी जानकारी होती है.

शार्ट लिंक बना कर के हम अपने व्यापार को बड़ा सकते है शार्ट लिंक में हम अपने प्रोडक्ट की इमेज या प्रोडक्ट पेज के की लिंक को शार्ट लिंक कर के एस एम एस के द्वारा भेज सकते है

शार्ट लिंक बनाने के लिए आप गूगल पर शार्ट लिंक लिख कर सर्च करोगे तो बहा शार्ट लिंक बनाने बाली बहुत सी वेबसाइट मिल जाएगी। जैसे यहाँ क्लिक करे अब हम जानते की एस एम एस भेजे कैसे तो इस में एक तरीका ये है की अपने अपने मोबाइल से एक एक कर एस एम एस भेज समाते है

इस के आलावा बहुत सारी कंपनी ऐसी होती है जो हमें वल्क में भी एस एम एस की सर्विसेस देती है उन से एक साथ एस एम एस सर्विस ले कर एक साथ सरे नंबर पर एस एम एस भेज सकते है

वॉइस एस एम एस के द्वारा भी हम अपने व्यापार को आगे बड़ा सकते है इस में हम अपनी आवाज में अपने व्यापार को ले कर एस एम एस रिकॉर्ड कर सकते है और एक साथ सरे नंबर पर सेंड कर सकते है इस सर्विस को भी बहुत सारी कंपनी हमें प्रोवाइड कराती है

ऐसे ही हम वॉइस कालिंग कर के भी अपने व्यापार के बारे में लोगो को बता सकते है इस में हमें कंपनी वॉइस कालिंग की सर्विस प्रदान कराती है इस सर्विस में भी वॉइस एस एम एस की तरह ही आवाज रिकॉर्ड करते है फिर उस रिकॉडिंग को एक साथ सारे नंबर पाए एक साथ कालिंग के लिए लगा देते है लोगो के पास कॉल जाती है बो कॉल को उठाते ही उन को हमारे द्वारा रिकॉर्ड की गई वॉइस सुनाई देती है और रिकॉडिंग पूरी होते ही अपने आप कॉल कट जाती है

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  • Posted May 15, 2020 at 6:21 am 0Likes

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खामोश बेटी की आवाज

बेटी बनकर आई है। मां बाप के आंगन में कल बसेरा होगा किसके आंगन में आखिर क्यूं? ये रीत भगवान ने बनाई है, कहते हैं आज नहीं तो कल तू पराई होगी। देके जन्म पल पोसकर जिसने हमें बड़ा किया।वक्त आने पर उन्ही हाथो ने हमें विदा किया। बिखर कर रह जाती है हमारी जिंदगी। फिर उस बंधन में हमें प्यार मिले ये जरुरी तो नहीं। क्यूं हमारा रिश्ता इतना अजीव होता है। क्या यही हम बेटियों का नसीब होता है।घर जहां बेटियों का जन्म होता है। दुनियां में आते ही मानो सबके चेहरे मुरझा से गए हों। उसी भेदभाव के साथ की लड़की है,एक दिन बड़े होकर किसी का घर संभालना है,और इसी सोच के साथ उसे शिक्षा से भी दूर रखा जाता है। किताबों के बदले उसे घर के कामों का बोझ सौप दिया जाता हैं। उसके सारे अरमान जो एक उज्जवल भविष्य बनाने के होते हैं।वही अरमान उसी आग में दफन हो जाते हैं। क्या बेटियों को इतना भी हक नहीं दिया गया।की वो अपने परिवार के लिए और उनके साथ आत्म निर्भर बने और बेटा बनकर अपने परिवार को सहयोग करे। जिस परिवार में बेटे नहीं होते उस परिवार में बेटी हो तो कोन सहारा बनेगा उसके मां बाप का। तब वही बेटी या बहू बनकर अपना परिवार संभालती है।चाहें वो मेहनत या मजदूरी करे या कुछ भी अपना फर्ज निभाती है। तो फिर क्यूं ना उसे पड़ा लिखा कर काबिल बनाए आज भी कुछ लोग हैं।जो बेटियों को बोझ समझते हैं।आज भी अधिकांश लोग बेटो को ही सारे हक देते हैं।चाहे वो अपनी जिम्मेदारी समझे या ना समझे या मां बाप के पैसों का गलत उपयोग करें।पर उनकी हर गलतियों को माफ किया जाता हैं। बेटी कभी अपने मां बाप को टूटता नहीं देख सकती वो अपनी सारी खुशियों को मिटा कर अपने परिवार का ध्यान रखती हैं।अपनी जिम्मेदारियों को समझती है,और निभाती भी है,वो दो परिवारों को समेट कर चलती है।अपनी तकलीफ कभी किसी को महसूस तक नहीं होने देती हैं। ऐसी होती हैं,